POEMS

बस आज कल में आज कल यू दिन निकल रहे है “निर्भया रेप कांड को समर्पित”

बस आज कल में आज कल यू दिन निकल रहे है

हर देश उड़ रहा है हम पैदल ही चल रहे है “निर्भया रेप कांड को समर्पित” अमिता भट्ट द्वारा लिखी कविता बस आज कल में आजकल यू दिन निकल रहे है हर देश उड़ रहा है हम पैदल ही चल रहे है हम देश की है बेटिया या जेल के है कैदी  जीते है न …

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Sadko Ke Phool Best Poem By Amita Bhatt

सड़को के फूल

सड़को के फूल ये माना ये कलियाँ नहीं बाग की, मगर रोज़ देखा है चलते हुए ! हां माना के रौनक भी थोड़ी सी कम है, ये सड़को के हैं फूल खिलते हुए ! जो देखे इन्हें जो सबारे इन्हें, जो सींचे इन्हें जो उबारे इन्हें ! ना ऐसा इन्हें कोई माली मिला, जो देदे …

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